Zindagi Thoda Sa Batiyata Hu

Zindagi Thoda Sa Batiyata Hun is a Hindi Poem on life and relationships. Watch this poem and other poems on my Youtube Channel – Nikhil Kapoor 

Transcript of the Hindi Poetry Video:-

तेरे सिरहाने बैठ “जिंदगी” ,
चल थोड़ा सा बतियाता हूँ |
एक कहानी जो तूने शुरू की ,
थोड़ा तुझे अब मैं सुनाता हूँ |
एक चाँद रख दिया था कभी ,
एक नन्ही हथेली पर तूने ,
उस चाँदनी को ढूँढने ,
हर “सुबह” “शाम” कर जाता हूँ |
बहुत थपकीयाँ दे कर ,
तूने मुझे सुलाया है |
तेरे बालों में डाल उंगलियाँ ,
अब तुझको में बहलाता हूँ |
हर एक दरवाज़े पर मैने ,
तेरा नाम लिखा देखा ,
हर दरवाज़े की चौखट से ,
में तुझको काँधे उठाता हूँ |
बहुत सिखाए तूने खेल मुझे ,
मैं तुझको एक सिखाता हूँ |
ढूँढ अंधेरे कमरे में मुझे “जिंदगी” ,
में तो तुझे ढूँढ ही लाता हूँ |

Hindi Poetry by Nikhil Kapoor
Blog: Lamhe Zindagi Ke

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