बंद फोन पे कॉल की उम्मीद रखते हैं

” बंद फोन पे कॉल की उम्मीद रखते हैं ये रिश्ते भी हमसे जाने कैसी प्रीत रखते हैं ।दूर जाते जाते भी दूरियां कम हुई जाती है,हम कहां रिश्तों में सड़कों की भीड़ रखते हैं ।

दौड़ती भागती इन सड़कों की

दौड़ती भागती इन सड़कों की

” दौड़ती भागती इन सड़कों की ,कोई मंजिलें होती नहीं ।भागती रहती हैं ये अक्सर एक मकान कि तलाश में ।कुछ सांसे हैं जो इनसे उतरकर ,किसी मकान के किवाड़ पर …

वो जो थी मेरी दोस्ती ।

वो जो थी मेरी दोस्ती

” बहुत याद आती है ,दिल के घड़े में जब जब झांकता हूं मैं ,बूंद बूंद कर रिस गई वो जो थीमेरी दोस्ती ।बहुत याद आती है ,दिल के घड़े में …

किस्सा, hindi poetry

किस्सा

कोरे पन्ने पर शुरू हुई , शब्दों में  उलझ कहानी हो गई जिंदगी ।खोजते खोजते खुद को ,एक बात के अनेक अर्थों की डिक्शनरी हो गई जिंदगी ।कोई सवाल तो थी ही नहीं ,जाने …

इतिहास

इतिहास

इतिहास की चौखट पर ………..जब जब भविष्य पाँव रखता है………वर्तमान का तब तब मूक बलात्कार होता है………सब होते हैं….मगर………कोई दर्शक नहीं होता……सच तो ये है सब साँस ले रहे होते …

Hindi poetry titled अजीब सा खालीपन हैं

अजीब सा खालीपन हैं

अभी अभी पढ़ के एक दिन फाड़ा हैबचे हुए टोस्ट के टुकड़े खाली प्लेट में अब भी पड़े हैअजीब सा खालीपन हैंयादों की गुल्लक इतनी भर गयी है शायद कितना भी …

उम्र के निशान ,red rose on the streets. Lamhe Zindagi Ke, Hindi Poetry on Life

उम्र के निशान

Poem: उम्र के निशान ” इंद्रधनुषी रंगों से भरे , बुलबुले से सपने , रात की नाभि पर ,नींद भर लट्टूओं सा नाचते रहे ।सुबह की उंगली क्या लगी ,फूट कर अंधेरों …

"मौत""जिंदगी" cremation of dead body

“मौत”-” जिंदगी”

आदतन “मौत” एक कहानी लिखने बैठी,बिखरने लगे जब पन्ने सारे,हसरत की जिल्द में बाँध उनको,“बेखयाली” में नाम की जगह ” जिंदगी” लिख बैठी | Hindi Poetry by Nikhil KapoorBlog: Lamhe …