बंद फोन पे कॉल की उम्मीद रखते हैं

” बंद फोन पे कॉल की उम्मीद रखते हैं ये रिश्ते भी हमसे जाने कैसी प्रीत रखते हैं ।दूर जाते जाते भी दूरियां कम हुई जाती है,हम कहां रिश्तों में सड़कों की भीड़ रखते हैं ।

" कितनों के साथ तुमने मुझे सोते देखा है । "

” कितनों के साथ तुमने मुझे सोते देखा है । “

” क्या लगता है तू मेरा ,बाप है , भाई है , खसम है या मेरा दलाल है । किस रिश्ते से तू मेरा character certificate issue करता फिर रहा है । मेरे बाप भाई को भी नहीं पता होगा मैं कितनों के साथ सोई हूं , फिर तुझे कैसे पता , साले, दलाल है क्या तू मेरा , मेरी चादर से रेजगरियां बटोरता फिरता है तू , बता सबको कमीन तुझे कैसे पता । और तू जो कहता फिरता है की मेरा इस ऑफिस में कईयों के साथ चक्कर था , तो भड़वे तेरा क्यूं नहीं था , तेरी टांगों के बीच में मांस का वो लोथड़ा नहीं है जो तुम सबको मर्द बनाता है । ” ऑफिस के सारे स्टाफ को जैसे सांप सूंघ गया था । read more in blog

कुछ ख़ामोशियाँ , Loneliness

एक सच और इंतज़ार

” मैं हूं तेरा सच , इसके आगे तू बता क्या सच जानना है तुझे , इसका मतलब तुझे अपने इस सच पर भरोसा नहीं , तुझे भी सिर्फ एक नाम चाहिए सच की जगह । और बेटा मुझे अपने सच को किसी कटघरे में खड़ा कर के उसे साबित करने के लिए गवाही नहीं देनी कोई जिरह बहस नहीं करनी । बाकी तेरी मर्ज़ी । तुझे जन्म देना मेरी सच्चाई थी मेरी मर्ज़ी , बाकी तू जो भी समझना चाहता है समझ सकता है ।” उसने अम्मा की तस्वीर को सीधा करते हुए कहा । तस्वीर में भी अम्मा की आंखों में सिर्फ ममता थी कोई सवाल नहीं ।read more in lamhe zindagi ke

ek sach aur intezar

“प्यार का ट्रेजर हंट । या प्यार की भूल भुलैया । “

कई बार लगता है सबके पास प्यार को लेकर कोई ना कोई सवाल है । जवाब कोई नहीं , या शायद जवाब खोजने की कोशिश ही नहीं की । बस मान लिया खत्म हो गया । जैसे प्यार ना हुए शक्कर का डिब्बा हो गया , जिस स्पीड से इस्तेमाल किया उस स्पीड से खत्म । lets talk

कुछ दिनों पहले, hindi poetry

कुछ दिनों पहले

कुछ दिनों पहले ,बातों की कुछ लफ़्ज़ों से तकरार हो गई ,कुछ दरवाजे जोर से भेडे गए ,कुछ बर्तनों के लुढकने की आवाज़ हुई ,कुछ शामों और रातों के बीच लकीर …

दौड़ती भागती इन सड़कों की

दौड़ती भागती इन सड़कों की

” दौड़ती भागती इन सड़कों की ,कोई मंजिलें होती नहीं ।भागती रहती हैं ये अक्सर एक मकान कि तलाश में ।कुछ सांसे हैं जो इनसे उतरकर ,किसी मकान के किवाड़ पर …