बंद फोन पे कॉल की उम्मीद रखते हैं

” बंद फोन पे कॉल की उम्मीद रखते हैं ये रिश्ते भी हमसे जाने कैसी प्रीत रखते हैं ।दूर जाते जाते भी दूरियां कम हुई जाती है,हम कहां रिश्तों में सड़कों की भीड़ रखते हैं ।

" मेरे इस शहर में ,hindi poetry

” मेरे इस शहर में ‘

” मेरे इस शहर में ,बातों का कोई जिस्म नहीं होता ,और वादे बगैर उम्र के जीते रहते हैं ।मेरे इस शहर में ,आदतन गले लगे दुश्मन की भी ,पीठ …

कुछ दिनों पहले, hindi poetry

कुछ दिनों पहले

कुछ दिनों पहले ,बातों की कुछ लफ़्ज़ों से तकरार हो गई ,कुछ दरवाजे जोर से भेडे गए ,कुछ बर्तनों के लुढकने की आवाज़ हुई ,कुछ शामों और रातों के बीच लकीर …

दौड़ती भागती इन सड़कों की

दौड़ती भागती इन सड़कों की

” दौड़ती भागती इन सड़कों की ,कोई मंजिलें होती नहीं ।भागती रहती हैं ये अक्सर एक मकान कि तलाश में ।कुछ सांसे हैं जो इनसे उतरकर ,किसी मकान के किवाड़ पर …

वो जो थी मेरी दोस्ती ।

वो जो थी मेरी दोस्ती

” बहुत याद आती है ,दिल के घड़े में जब जब झांकता हूं मैं ,बूंद बूंद कर रिस गई वो जो थीमेरी दोस्ती ।बहुत याद आती है ,दिल के घड़े में …