सच्चाई

छुपा लेता हूं ‘ खुद ‘ को “खुद ही ‘ में मैं ,
आइने में ‘ खुद ‘ को देख कर ,
गलत कहती थी मां ,
सच्चाईयां पाक हुआ करती हैं । 

Hindi Poetry by Nikhil Kapoor
Blog: Lamhe Zindagi Ke

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