तवायफ - A bronze lady statue
Long Poems

तवायफ

बिछुए की पकड़ में सुना है कुछ ख्वाब बंधे बैठे हैं,गीले अलते के निशाँ सपनों की पगडण्डी पे नहीं मिलते।कुछ चौखटें हैं जो जाने कब से लांघी नहीं गयीं,सुनो इनके …