जाने कब ज़िंदगी से

जाने कब ज़िंदगी से

जाने कब ज़िंदगी से
एक लम्हा चुराया और
क़मीज़ की जेब में डाल लिया ,
एक उम्र तक वो लम्हा
दिल के साथ धड़कता रहा ,
आज क़लम ने देखो
उस लम्हे को
“याद “
बना दिया है ।
 
Hindi Poetry by Nikhil Kapoor
Blog: Lamhe Zindagi Ke

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