इक बार हर गिला भूल कर आना
इक बार हर गिला

इक बार हर गिला भूल कर आना

इक बार हर गिला भूल कर आना ,
पलकों पे हर हक़ रोक कर आना ,
शर्त इतनी है बस
तुम्हें लौट के जाना होगा
एक बार फिर बस दिल तोड़ के जाना ।
Hindi Poetry by Nikhil Kapoor
Blog: Lamhe Zindagi Ke

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