“मौत”-” जिंदगी”

“मौत”-” जिंदगी”

आदतन “मौत” एक कहानी लिखने बैठी,
बिखरने लगे जब पन्ने सारे,
हसरत की जिल्द में बाँध उनको,
“बेखयाली” में नाम की जगह ” जिंदगी” लिख बैठी |

Hindi Poetry by Nikhil Kapoor
Blog: Lamhe Zindagi Ke

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