यादों के खुशनुमा फूल , flowers on grave

यादों के खुशनुमा फूल

खुले हुए कूड़ेदान से उठती हुई बदबू……… जैसे किसी ने पीली हुई किताब के पन्ने पलट दिए हों…… गुजरा वक़्त लिहाफ़ नही………. धूप दिखा के फिर ओढ़ लिया जाए……. ये …

Hindi poetry titled अजीब सा खालीपन हैं

अजीब सा खालीपन हैं

अभी अभी पढ़ के एक दिन फाड़ा हैबचे हुए टोस्ट के टुकड़े खाली प्लेट में अब भी पड़े हैअजीब सा खालीपन हैंयादों की गुल्लक इतनी भर गयी है शायद कितना भी …

"मौत""जिंदगी" cremation of dead body

“मौत”-” जिंदगी”

आदतन “मौत” एक कहानी लिखने बैठी,बिखरने लगे जब पन्ने सारे,हसरत की जिल्द में बाँध उनको,“बेखयाली” में नाम की जगह ” जिंदगी” लिख बैठी | Hindi Poetry by Nikhil KapoorBlog: Lamhe …