" मेरे इस शहर में ,hindi poetry

” मेरे इस शहर में ‘

” मेरे इस शहर में ,बातों का कोई जिस्म नहीं होता ,और वादे बगैर उम्र के जीते रहते हैं ।मेरे इस शहर में ,आदतन गले लगे दुश्मन की भी ,पीठ …

कुछ दिनों पहले, hindi poetry

कुछ दिनों पहले

कुछ दिनों पहले ,बातों की कुछ लफ़्ज़ों से तकरार हो गई ,कुछ दरवाजे जोर से भेडे गए ,कुछ बर्तनों के लुढकने की आवाज़ हुई ,कुछ शामों और रातों के बीच लकीर …

दौड़ती भागती इन सड़कों की

दौड़ती भागती इन सड़कों की

” दौड़ती भागती इन सड़कों की ,कोई मंजिलें होती नहीं ।भागती रहती हैं ये अक्सर एक मकान कि तलाश में ।कुछ सांसे हैं जो इनसे उतरकर ,किसी मकान के किवाड़ पर …

वो जो थी मेरी दोस्ती ।

वो जो थी मेरी दोस्ती

” बहुत याद आती है ,दिल के घड़े में जब जब झांकता हूं मैं ,बूंद बूंद कर रिस गई वो जो थीमेरी दोस्ती ।बहुत याद आती है ,दिल के घड़े में …

क्या तुम्हे मैं , अब भी याद आती हूं ।

क्या तुम्हे मैं , अब भी याद आती हूं ।

” क्या तुम्हे मैं ,अब भी याद आती हूं ।या फिर उन कागजों को तुमनेएक खाली फाइल में पंच कर किसी ड्रॉअर में रख दिया है ।तुम्हे शायद याद होगा …

किस्सा, hindi poetry

किस्सा

कोरे पन्ने पर शुरू हुई , शब्दों में  उलझ कहानी हो गई जिंदगी ।खोजते खोजते खुद को ,एक बात के अनेक अर्थों की डिक्शनरी हो गई जिंदगी ।कोई सवाल तो थी ही नहीं ,जाने …

इतिहास

इतिहास

इतिहास की चौखट पर ………..जब जब भविष्य पाँव रखता है………वर्तमान का तब तब मूक बलात्कार होता है………सब होते हैं….मगर………कोई दर्शक नहीं होता……सच तो ये है सब साँस ले रहे होते …

जाते जाते

जाते जाते कल ,यहीं थम गया था वक़्त ।पुकारना चाहता था तुम्हें ,मगर किस नाम से पुकारे ,इसी कश्मकश में ,कल यहाँ बिखर गया था वक़्त ।तुम बहुत आगे निकल गए …