आज कुछ सड़कों ने करवटें ली हैं - book cover, hindi poetry book

आज कुछ सड़कों ने करवटें ली हैं

इन पन्नों में जो भी कुछ हैं उन्हें कविता तो नहीं कहा जा सकता, बस कुछ पल हैं जो सुस्ताने को ठहर गए हैं।

वो शख़्स - newspaper and glasses

वो शख़्स 

करता है अक्सर वो बातें काग़ज़ के रूमालों से कुछ धब्बे हैं , कुछ निशाँ बूँदों के जो अक्सर एक शक्ल ले लेते हैं ।सुना है वो शख़्स हर रोज़ एक कहानी लिखता है …

ख़ाली कनस्तर सा चाँद - moon

ख़ाली कनस्तर सा चाँद

ख़ाली कनस्तर सा चाँद ,रात भर ज़हन की दरारों में भटकता रहा रिसती हुई चाँदनी सुना है  रात भर एक उधड़ा हुआ खेस बिनती रही । Hindi Poetry by Nikhil Kapoor …

साँसे भी कुछ यूँ ही ठहर जाएँगी - Vintage Clock

साँसे भी कुछ यूँ ही ठहर जाएँगी

“ साँसे भी कुछ यूँ ही ठहर जाएँगी , एक दिन , रिश्तों में कोई बात ठहर गयी हो जैसे ।”   Hindi Poetry by Nikhil Kapoor Blog: Lamhe Zindagi …