वो जो थी मेरी दोस्ती ।

वो जो थी मेरी दोस्ती

” बहुत याद आती है ,दिल के घड़े में जब जब झांकता हूं मैं ,बूंद बूंद कर रिस गई वो जो थीमेरी दोस्ती ।बहुत याद आती है ,दिल के घड़े में …

क्या तुम्हे मैं , अब भी याद आती हूं ।

क्या तुम्हे मैं , अब भी याद आती हूं ।

” क्या तुम्हे मैं ,अब भी याद आती हूं ।या फिर उन कागजों को तुमनेएक खाली फाइल में पंच कर किसी ड्रॉअर में रख दिया है ।तुम्हे शायद याद होगा …

किस्सा, hindi poetry

किस्सा

कोरे पन्ने पर शुरू हुई , शब्दों में  उलझ कहानी हो गई जिंदगी ।खोजते खोजते खुद को ,एक बात के अनेक अर्थों की डिक्शनरी हो गई जिंदगी ।कोई सवाल तो थी ही नहीं ,जाने …

इतिहास

इतिहास

इतिहास की चौखट पर ………..जब जब भविष्य पाँव रखता है………वर्तमान का तब तब मूक बलात्कार होता है………सब होते हैं….मगर………कोई दर्शक नहीं होता……सच तो ये है सब साँस ले रहे होते …

यादों के खुशनुमा फूल , flowers on grave

यादों के खुशनुमा फूल

खुले हुए कूड़ेदान से उठती हुई बदबू……… जैसे किसी ने पीली हुई किताब के पन्ने पलट दिए हों…… गुजरा वक़्त लिहाफ़ नही………. धूप दिखा के फिर ओढ़ लिया जाए……. ये …

जाते जाते

जाते जाते कल ,यहीं थम गया था वक़्त ।पुकारना चाहता था तुम्हें ,मगर किस नाम से पुकारे ,इसी कश्मकश में ,कल यहाँ बिखर गया था वक़्त ।तुम बहुत आगे निकल गए …