आज की सुबह

आज की सुबह

आज की सुबह कुछ ख़ुशनुमा सी है
कम्बख़्त
ज़िंदगी की आदत
मगर बेवफ़ा सी है |
 
Hindi Poetry by Nikhil Kapoor
Blog: Lamhe Zindagi Ke

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