इतिहास
Long Poems

इतिहास

इतिहास की चौखट पर ………..
जब जब भविष्य पाँव रखता है………
वर्तमान का तब तब मूक बलात्कार होता है………
सब होते हैं….
मगर………
कोई दर्शक नहीं होता……
सच तो ये है सब साँस ले रहे होते हैं…….
मगर वही एक पल नहीं होता………
कब इतिहास भविष्य को एक चेतावनी देता है…….
कब भविष्य का कदम उसे इतिहास बनाता है………
जीवन कहते हैं वर्तमान में चलता है……
मगर उसे भी आभास नहीं ……..
ये कब हो जाता है……..
मत कहो उम्र भर कोई रिश्ता चलता है…….
क्यूँ की हमेशा से…….
इतिहास और भविष्य के गट- बंधन में……..
वर्तमान खो जाता है………
इतिहास के अवशेष होते है……..
और भविष्य के अनुमान……….
वर्तमान जाने कब इतिहास की कोख से जन्मता है……
और किस पल भविष्य के जन्म की पीड़ा झेल……
इतिहास हो जाता है….

Hindi Poetry by Nikhil Kapoor
Blog: Lamhe Zindagi Ke

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1 Comment

  1. Meeta kapoor says:

    बहुत खूब

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