Long Poems

जाते जाते

जाते जाते कल ,
यहीं थम गया था वक़्त ।
पुकारना चाहता था तुम्हें ,
मगर किस नाम से पुकारे ,
इसी कश्मकश में ,
कल यहाँ बिखर गया था वक़्त ।
तुम बहुत आगे निकल गए थे शायद ,
तेरे पीछे आने की चाहत में ,
मेरे पाँव में कल धँस गया था वक़्त ।

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