Hindi poetry titled अजीब सा खालीपन हैं
Short Poems

अजीब सा खालीपन हैं

अभी अभी पढ़ के एक दिन फाड़ा है
बचे हुए टोस्ट के टुकड़े खाली प्लेट में अब भी पड़े है
अजीब सा खालीपन हैं
यादों की गुल्लक इतनी भर गयी है शायद 
कितना भी हिलाओ
 ये अब बजती नहीं।

Hindi Poetry by Nikhil Kapoor
Blog: Lamhe Zindagi Ke

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